राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के मुख्य सचेतक कविन्द्र बुर्लाकोटी ने संसदीय सुनवाई समिति की चर्चाओं में सावधानी बरतने पर जोर दिया

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के मुख्य सचेतक कविन्द्र बुर्लाकोटी ने संसदीय सुनवाई समिति की आंतरिक चर्चाओं और अधिकार क्षेत्र के संबंध में सावधानी बरतने की बात कही है।

शुक्रवार को सिंहदरबार में आयोजित समिति की बैठक में बोलते हुए उन्होंने कहा कि समिति के दस्तावेजों, कानूनी विश्लेषण और आंतरिक प्रक्रियाओं को सार्वजनिक करते समय विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए।

मुख्य सचेतक बुर्लाकोटी ने कहा कि समिति की चर्चाएं पारदर्शी होनी चाहिए, लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया से पहले के कुछ तकनीकी और आंतरिक मामलों को सार्वजनिक करने से बचने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदस्यों ने दस्तावेजों का अध्ययन किया है या नहीं, यह उनकी अपनी जिम्मेदारी है और ऐसी जानकारी को सभापति के माध्यम से सार्वजनिक करने की आवश्यकता नहीं है।

समिति को प्राप्त शिकायतों के बारे में बुर्लाकोटी ने स्पष्ट किया कि सुनवाई समिति के पास सभी प्रकार की शिकायतों पर चर्चा करने का अधिकार क्षेत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार का नियमित रूप से उपयोग करने और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन समिति के अधिकार क्षेत्र से बाहर की शिकायतों को संबंधित निकाय के पास भेजा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समिति को अपने अध्ययन, जांच और कानूनी विश्लेषण के आधार पर अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में कानूनी पहलू जुड़े होने के कारण संवेदनशीलता के साथ काम करना आवश्यक है।

बुर्लाकोटी ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर की शिकायतों को संबंधित निकाय के पास भेजने पर जोर देते हुए कहा कि शिकायतों की प्रकृति के अनुसार उन्हें आवश्यक जांच और कार्रवाई के लिए गृह मंत्रालय या संसद की संबंधित समिति के पास भेजना उचित होगा। उन्होंने कहा कि जो मामले समिति के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते, उन पर समिति न तो निष्कर्ष पर पहुंच सकती है और न ही ठोस निर्देश दे सकती है। इसलिए ऐसे मामलों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाना उचित होगा।

उन्होंने समिति का ध्यान केवल अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कार्यों को करने तथा समिति के समय और गरिमा की रक्षा करने की ओर भी आकर्षित किया।

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